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रिश्ता तय करने में शिक्षा और संस्कार भी देखें
अग्रसेन सोशल ग्रुप का विशिष्ट श्रेणी प्रत्याशियों परिचय सम्मेलन
इंदौर. भारतीय संस्कृति में वैवाहिक संबंध सात जन्मों के लिए होता है। इन रिश्तों को तय करने में केवल रूप, सौंदर्य या धन-वैभव को ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और व्यवहार को भी प्राथमिकता देना चाहिए। विशिष्ट श्रेणी के प्रत्याशियों के लिए इस तरह के परिचय सम्मेलन का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए.
ये विचार हैं वरिष्ठ समाजसेवी टीकमचंद गर्ग के, जो उन्होंने आज अग्रसेन सोशल ग्रुप द्वारा लोहारपट्टी स्थित खंडेलवाल समाज भवन पर आयोजित 32वें अ.भा. अग्रवाल-वैश्य विशिष्ट श्रेणी परिचय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किए. इस अवसर पर युवा समाजसेवी राजू गर्ग केटी, राजेंद्र गर्ग समर्पण एवं विजय अग्रवाल विशेष अतिथि थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता गोयल पारमार्थिक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रेमचंद गोयल ने की.
सम्मेलन में अग्रवाल, जैन, माहेश्वरी, खंडेलवाल, विजयवर्गीय एवं नागर चित्तौड़ा सहित सभी वैश्य घटकों के कल्याणी, विधुर, तलाकशुदा एवं 32 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्याशियों एवं अभिभावकों ने भाग लिया. लंदन, अमेरिका एवं हैदराबाद में सेवारत उच्च पैकेज वाले तलाकशुदा प्रत्याशियों की बात वीडियो कान्फ्रेंसिंग से कराई गई, जो परिचय सम्मेलन में नया प्रयोग था. अनेक प्रत्याशी जहां कुंडली मिलान को प्राथमिकता दे रहे थे, वहीं कुछ प्रत्याशी अपने लिए समान जॉब वाले प्रत्याशी खोज रहे थे.
ग्रुप के समन्वयक राजेश गर्ग, प्रमुख संचालक शिव जिंदल, विनोद गोयल, एस.आर. गुप्ता ने बताया कि संस्था का यह 32वां अ.भा. परिचय सम्मेलन है जिसमें 650 से अधिक प्रत्याशी म.प्र. के अलावा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उ.प्र. सहित देश के 10 राज्यों से आए थे. शाम तक 370 प्रत्याशियों ने अपना परिचय दिया एवं जीवनसाथी के लिए अपनी पसंद बताई. शाम तक 75 से अधिक रिश्तों पर सहमति की बात बनते दिखाई दी.
तलाकशुदा प्रत्याशी का भी तय हुआ रिश्ता
सम्मेलन में ऐसे अनेक प्रत्याशियों के चेहरों पर चमक देखने को मिली, जो पहली शादी टूट जाने या जीवनसाथी के नहीं रहने पर वर्षों से एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे है. मिलन एवं संपर्क में भी समाज के वरिष्ठजनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंदौर एवं बाहर से आए सभी अतिथियों, प्रत्याशियों एवं अभिभावकों ने सभी व्यवस्थाओं की खुले मन से सराहना की. समापन होते-होते कोटा के तलाकशुदा प्रत्याशी ने म.प्र. की एक कल्याणी महिला प्रत्याशी को अपनाने की सहमति प्रदान की तो सम्मेलन स्थल तालियों से गूंज उठा. सम्मेलन का संचालन प्राची गर्ग ने किया और आभार माना प्रो. गोविंद सिंघल ने.


